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टाटा सिएरा: नया मॉडल जल्द ही बाजार में लॉन्च होने के लिए तैयार

टाटा मोटर्स अपनी क्लासिक SUV टाटा सिएरा को एक नए अवतार में लॉन्च करने जा रही है। 2025 में आने वाली यह कार अत्याधुनिक फीचर्स और पावरफुल इंजन के साथ बाजार में दस्तक देगी। टाटा सिएरा 2025 की प्रमुख विशेषताएं ✅ पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स – पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक मॉडल को प्राथमिकता। ✅ 500+ किमी रेंज वाली EV – टाटा के नवीनतम Gen-2 EV प्लेटफॉर्म पर आधारित। ✅ क्लासिक डिज़ाइन, मॉडर्न टच – पुरानी सिएरा की सिग्नेचर Alpine Windows को नए अंदाज में डिजाइन किया गया है। ✅ लक्ज़री इंटीरियर – तीन डिस्प्ले स्क्रीन और आरामदायक केबिन। ✅ 4x4 ड्राइव ऑप्शन – ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए बेहतरीन अनुभव। 2025 में होगी लॉन्चिंग नई टाटा सिएरा को Auto Expo 2023 में पेश किए गए कॉन्सेप्ट मॉडल के आधार पर विकसित किया गया है। टाटा की "New Forever" रणनीति के तहत आने वाली यह SUV बाजार में जबरदस्त सफलता हासिल कर सकती है। लॉन्च डेट, कीमत और फीचर्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें!

कुंभ मेले में जल प्रदूषण: विशाल ददलानी ने योगी आदित्यनाथ पर उठाए सवाल




नई दिल्ली: कुंभ मेला, जो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, इस बार एक अलग कारण से चर्चा में है। मशहूर संगीतकार विशाल ददलानी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मेले के दौरान नदी के पानी की स्वच्छता को लेकर सवाल उठाए हैं।


क्या है मामला?


हरिद्वार और प्रयागराज जैसे पवित्र स्थलों पर आयोजित कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आते हैं। हाल ही में, सोशल मीडिया पर कई रिपोर्टें सामने आईं, जिनमें दावा किया गया कि मेले के दौरान गंगा और यमुना नदी का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है।


विशाल ददलानी, जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं, ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है।


विशाल ददलानी का बयान


ददलानी ने ट्विटर पर लिखा:

"क्या हमारे श्रद्धालुओं को शुद्ध जल में स्नान करने का अधिकार नहीं है? सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए!"


उनका मानना है कि कुंभ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान जल की शुद्धता बनाए रखना सरकार की ज़िम्मेदारी है।


सरकार की प्रतिक्रिया


सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। हालांकि, उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पहले कहा था कि कुंभ मेले के दौरान जल की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।


जल प्रदूषण: एक गंभीर समस्या


विशेषज्ञों का कहना है कि कुंभ मेले जैसे आयोजनों के दौरान लाखों लोग नदी में स्नान करते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। यदि सरकार ने सही कदम नहीं उठाए, तो यह न केवल श्रद्धालुओं बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर समस्या बन सकती है।


निष्कर्ष


विशाल ददलानी द्वारा उठाए गए सवाल महत्वपूर्ण हैं। सरकार को चाहिए कि वह नदी की स्वच्छता को लेकर ठोस कदम उठाए ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध जल मिल सके।


क्या आपको लगता है कि सरकार को इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट करें!




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